मॉनसून ट्रफ़ क्या है? आसान समझ
जब हम मौसम के बारे में बात करते हैं तो अक्सर ‘मनोरंजन’ शब्द सुनते हैं, लेकिन असली मतलब कुछ और ही होता है। मॉनसन ट्रफ़ एक ऐसी हवा‑केन्द्रित पट्टी है जो भारत की गरमी से लेकर बरसात तक का रास्ता बनाती है। इसको समझना मुश्किल नहीं; बस इसे ऐसे देखिए जैसे आकाश में एक बड़ी धारी, जो दायरे में बदलते हुए बादलों को खींचती है।
मॉनसन ट्रफ़ की मूल बातें
ट्रफ़ का काम हवा को नीचे से ऊपर उठाना और बिंदु‑बिंदु पर बारिश लाना होता है। जब दक्षिण‑पश्चिमी हवाएँ समुद्री जल से आती हैं, तो वे गरमी वाले इलाकों के ऊपर एक कम दबाव वाली रेखा बनाती हैं—इसे ही मॉनसन ट्रफ़ कहते हैं। यह रेखा धीरे‑धीरे उत्तर की ओर बढ़ती है और साथ में ठंडी हवा को भी खींच लेती है। यही कारण है कि भारत के कई हिस्सों में जून‑जुलाई में अचानक तेज़ बारिश या बाढ़ आ जाती है।
ट्रफ़ का आकार स्थायी नहीं रहता; यह मौसम, समुद्री तापमान और धरती की सतह पर उष्मा के अनुसार बदलता है। जब ट्रफ़ दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ती है तो पूर्वी भारत में हल्की बारिश शुरू होती है, जबकि पश्चिमी तट पर अभी भी धूप चमकती रहती है। इस बदलाव को देख कर मौसम विभाग बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों की चेतावनी दे सकता है।
भारत में असर और तैयारी
भारतीय किसान ट्रफ़ का बहुत ध्यान रखते हैं क्योंकि यह खेतों में पानी लाने वाला प्रमुख कारक है। अगर ट्रफ़ देर से आती है तो फसल सूख सकती है, जबकि जल्दी आने पर बाढ़ की स्थिति बनती है। इसलिए कई राज्य मौसम विज्ञान विभाग नियमित अपडेट देते हैं—जैसे आज के ‘आगरा’ में 43°C तापमान और रेड अलर्ट या झालावाड़़ में अचानक तुफान—सब ट्रफ़ की गति से जुड़ा होता है।
आप घर पर क्या कर सकते हैं? सबसे पहले स्थानीय मौसम रिपोर्ट को फॉलो करें, खासकर जब रेड अलर्ट जारी हो। यदि आप बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में रहते हैं तो रेत या जलरोधी बैग्स में जरूरी दस्तावेज़ रखिए और निकासी योजना बनाइए। किसान भाईयों के लिए यह बेहतर रहेगा कि वे ट्रफ़ की गति देख कर बीज बोने का समय तय करें, जिससे फसल को नुकसान कम हो।
अंत में याद रखें, मॉनसन ट्रफ़ एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन उसका असर हमारे जीवन पर गहरा पड़ता है। सही जानकारी और समय‑समय पर तैयारी करने से हम इस मौसम की चुनौतियों को आसान बना सकते हैं। तो अगली बार जब समाचार में ‘ट्रफ़ बढ़ रही है’ सुनेँ, तो बस यही सोचें—हमारे पास इसे समझने और संभालने का तरीका है।

मध्य प्रदेश बारिश: 20 से ज्यादा जिलों में मूसलाधार, IMD ने अलर्ट बढ़ाया
- अग॰, 25 2025
- 0
मध्य प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है। IMD ने 25 से 27 अगस्त तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा के अलर्ट जारी किए हैं। 20 से अधिक जिलों में तेज बौछारें पड़ीं, मालाजखंड में 1 इंच से अधिक और मंडला में 1 इंच वर्षा दर्ज हुई। सीजन में अब तक औसतन 34.2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि गुना 52 इंच के पार पहुंच गया है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
श्रेणियाँ
- खेल (65)
- व्यापार (21)
- राजनीति (18)
- मनोरंजन (16)
- शिक्षा (13)
- समाचार (12)
- अंतरराष्ट्रीय (8)
- धर्म संस्कृति (6)
- मौसम (5)
- राष्ट्रीय (4)