इजरायली गुप्त ऑपरेशन्स: क्या, कैसे और क्यों

इजरायल की गुप्त ऑपरेशन्स अक्सर सुर्खियों में रहती हैं — कभी साहसिक बचाव, कभी साइबर हमला, और कभी राजनयिक चतुराई। आप सोच रहे होंगे कि ये ऑपरेशन्स कैसे काम करते हैं और उनका असर दुनिया पर क्या होता है। यह पेज उन्हीं सवालों के सीधे और समझने योग्य जवाब देता है।

मुख्य एजेंसियाँ और उनका काम

सबसे पहले जान लें कि कौन-कौन जिम्मेदार हैं। Mossad विदेशी खुफिया और covert मिशन के लिए जाना जाता है। Shin Bet (Israel Security Agency) अंदरूनी सुरक्षा और आतंकवाद पर फोकस करता है। Israeli Defense Forces (IDF) के स्पेशल फोर्सेज, जैसे Sayeret Matkal, खास चुनिंदा हमले और रेस्क्यू ऑपरेशन्स निभाते हैं। हर एजेंसी की भूमिका अलग है, पर लक्ष्य अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा बनी रहती है।

ये संगठन खुले तौर पर हर कदम नहीं बताते, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड और इतिहास से यह साफ़ होता है कि इजरायल रणनीति में तेजी, सटीक разведनी और टार्गेटेड कार्रवाई पर भरोसा करता है।

आम तौर पर अपनाई जाने वाली रणनीतियाँ

किसी ऑपरेशन की रूपरेखा अक्सर तीन हिस्सों में होती है: खुफिया जानकारी जुटाना, योजना बनाना और त्वरित निष्पादन। खुफिया में HUMINT (इंसानी स्रोत), SIGINT (संचार जासूसी) और ओपन सोर्स का मेल आता है। साइबर क्षमता अब बड़ी भूमिका निभाती है—नेटवर्कों को निशाना बनाना, डाटा रोकना या बाधित करना।

ऑपरेशन्स की किस्में अलग-अलग होती हैं: गुप्तविचरण (reconnaissance), अस्सासिनेशन या निशाना-लेना—जहाँ राज्य ने संलग्नता की बात स्वीकार नहीं की—रैस्क्यू मिशन जैसे Operation Entebbe, और कब्‍जे या लक्षित गिरफ्तारी।

उदाहरणों से बात सरल होती है। 1960 में Adolf Eichmann की गिरफ्तारी और 1976 का Entebbe रेस्क्यू—दोनों ने दुनिया की नज़रें इजरायली क्षमताओं पर टिकाईं। हाल के सालों में साइबर हमलों और अनौपचारिक अभियानों का जिक्र भी मीडिया में रहा है, जिनका असर कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर देखा गया।

ये ऑपरेशन्स अक्सर नैतिक और कानूनी बहस भी खड़ी करते हैं। एक तरफ सुरक्षा का तर्क, दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय क़ानून और नागरिक हक़ की चिंता। इसलिए इन मामलों में पारदर्शिता कम और बहस ज्यादा रहती है।

अगर आप समझना चाहते हैं कि ये ऑपरेशन्स देश की सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और विदेशनीति को कैसे प्रभावित करते हैं, तो ध्यान रखें कि बड़ी तस्वीर में बल और नीति दोनों काम करते हैं। हर अभियान का तुरंत असर और दीर्घकालिक नतीजा अलग होता है—कभी संकट घटता है, कभी तनाव बढ़ता है।

चाहे आप सुरक्षा नीति में रुचि रखते हों या बस समकालीन इतिहास जानना चाहते हों, इजरायली गुप्त ऑपरेशन्स आधुनिक जियो-पॉलिटिक्स की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आगे के लेखों में हम अलग-अलग ऑपरेशन्स, तकनीकों और उनके नतीजों को और विस्तार से देखेंगे।

ईस्माइल हनिया की हत्या: ईरान के अंदर वर्षों से चल रही इजरायली गुप्त ऑपरेशन्स की कहानी

ईस्माइल हनिया की हत्या: ईरान के अंदर वर्षों से चल रही इजरायली गुप्त ऑपरेशन्स की कहानी

  • जुल॰, 31 2024
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हामास प्रमुख ईस्माइल हनिया की तेहरान में हत्या ने ईरान के अंदर इजरायली गुप्त ऑपरेशन्स की गहनता को उजागर किया है। यह हत्या मसूद पेज़ेशकियन के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान हुई, जो इजरायल द्वारा हामास के नेताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का हिस्सा मानी जा रही है।