आईपीओ: क्या है और आपको क्यों देखना चाहिए
आईपीओ यानी कंपनी का पहली बार शेयर सार्वजनिक बाजार में लाना। सोच रहे हैं इससे पैसा कैसे बनता है? सरल: अगर शेयर लिस्टिंग पर ऊँचा खुलता है तो तुरंत प्रॉफिट मिल सकता है। पर हर IPO पर फायदा नहीं मिलता—इसलिए समझदारी से कदम उठाना जरूरी है।
एक छोटा-सा उदाहरण: विशाल मेगा मार्ट का IPO दिसंबर 2024 में खुला था। कंपनी ने करीब ₹8,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा, इश्यू 11-13 दिसंबर तक खुला रहा, अलॉटमेंट 16 दिसंबर को होना था और लिस्टिंग 18 दिसंबर तय थी। ग्रे मार्केट में GMP ₹19-20 बताने से लिस्टिंग पर 25% तक लाभ का अनुमान दिखा। यह दिखाता है कि IPO के साथ समय और मार्केट सेंटिमेंट दोनों मायने रखते हैं।
कैसे IPO के लिए आवेदन करें (स्टेप बाय स्टेप)
1) डीमैट अकाउंट और बैंक खाता: बिना डीमैट अकाउंट के आप आवेदन नहीं कर सकते। बैंक खाता ASBA सुविधा के साथ होना चाहिए।
2) ब्रोकरेज चुनें: बैंक की नेटबैंकिंग, ब्रोकरेज वेबसाइट या ऐप से आवेदन होता है। ऑनलाइन आवेदन सबसे तेज और आसान तरीका है।
3) कितने शेयर चाहिए चुनें: रिटेल निवेशक आम तौर पर छोटे लॉट में आवेदन करते हैं ताकि अलॉटमेंट का मौका बढ़े।
4) ASBA ऑथोराइज़ेशन: बैंक आपके आवेदन में वाली राशि को ब्लॉक कर देता है। अगर अलॉटमेंट नहीं मिलता तो पैसे अनब्लॉक हो जाते हैं।
5) अलॉटमेंट और लिस्टिंग: इश्यू बंद होने के बाद कंपनी अलॉटमेंट देती है। अगर अलॉटमेंट मिलता है तो शेयर डीमैट में आएंगे और लिस्टिंग दिन शेयर मार्केट में दिखने लगेंगे।
खतरे, संकेत और चेकलिस्ट — आवेदन से पहले इन बातें जरूर देखें
1) DRHP और कंपनी की जानकारी: कंपनी का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पढ़ें—यह लाभ, कर्ज, promoter हिस्सेदारी और जोखिम बताता है।
2) वैल्यूएशन और peers: प्राइस बैंड देखकर देखें कि कंपनी अपने सेक्टर के मुकाबले महंगी तो नहीं लग रही। ब्रांड के बजाय नंबर और ग्रोथ रेट देखें।
3) प्रमोटर की होल्डिंग और लॉक-इन: प्रमोटर का शेयर किस हद तक लॉक-इन है, यह समझना जरूरी है—कम लॉक-इन से झटके जल्दी आ सकते हैं।
4) ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): GMP लिस्टिंग का अंदाज़ा देता है, पर यह 100% भरोसेमंद नहीं। इसे मार्केट सेंटिमेंट समझने के लिए देखें, निर्णय उसी पर ना लें।
5) जोखिम प्रबंधन: कभी भी अपने पूरे पैसे से IPO में झपटो मत। अलॉटमेंट न मिलने पर भी पैसे लॉक हो सकते हैं थोड़ी देर के लिए।
अगर आप नए हैं तो छोटे अमाउंट से शुरू करें, कंपनी की बुनियादी रिपोर्ट पढ़ें और किसी भरोसेमंद सलाहकार से राय लें। IPO से अच्छी कमाई मिल सकती है, पर समझदारी और तैयारी ही लंबे समय में काम आती है।

रिलायंस जियो का आईपीओ: 2025 में भारतीय शेयर बाजार में होगा धाकड़ आगमन, जानें संभावनाएं
- नव॰, 5 2024
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मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो 2025 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना बना रही है। कंपनी का मूल्यांकन $100 बिलियन से अधिक आँका गया है। अनुमान है कि यह भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है। जियो की सहयोगी कंपनियाँ जैसे गूगल और मेटा भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं। रिलायंस रिटेल के आईपीओ की योजना 2025 के बाद बनाई जा रही है।
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