थलैपति विजय CM बनते ही 'करुप्पु' को सुबह 9 बजे शो की खास अनुमति

थलैपति विजय CM बनते ही 'करुप्पु' को सुबह 9 बजे शो की खास अनुमति मई, 27 2026

तमिलनाडु के राजनीतिक और सिनेमाई परिदृश्य में एक ऐसी घटना घटी है जो दोनों दुनियाओं को हिला कर रख देगी। जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें मुख्यमंत्री और प्रसिद्ध अभिनेता थलैपति विजय के रूप में जाना जाता है, ने सत्ता संभालते ही अपने पहले ही कार्यकालीन निर्णयों में से एक को फिल्म उद्योग के पक्ष में लिया है। उन्होंने आरजे बालाजी की आगामी एक्शन फिल्म 'करुप्पु' के लिए सुबह 9 बजे के विशेष शो (FDFS) की अनुमति दी है। यह कदम न केवल इस फिल्म के प्रदर्शन को बढ़ावा देगा, बल्कि तमिलनाडु में सिनेमाघरों के समय नियमों में बदलाव का संकेत भी देता है।

यह निर्णय तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद सामने आया है, जिसमें पिछली सरकार की सख्त नीतियों में ढील देने की बात कही गई है। विशेष रूप से, 14 मई से शुरू होने वाले 'करुप्पु' के फर्स्ट डे फर्स्ट शो (FDFS) को सुबह 9 बजे से शुरू करने की छूट दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्ट में लिखा गया था, "माननीय मुख्यमंत्री थिरु जोपेश विजय को 'करुप्पु' के 9AM शो की विशेष अनुमति देने के लिए धन्यवाद। 'करुप्पु' का FDFS 14 मई से सुबह 9 बजे शुरू होगा।" इस घोषणा ने फिल्म समर्थकों और उद्योगकर्ताओं में उत्साह फैला दिया है।

पिछली सरकार की सख्ती बनाम नई नीति

इस निर्णय को समझने के लिए पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु में लागू सिनेमा नियमों की पृष्ठभूमि देखना जरूरी है। DMK सरकार के दौरान, सुरक्षा और व्यवस्था के कारण सुबह के शो पर सख्त रोक लगाई गई थी। उस समय, सिनेमाघरों में सुबह 9 बजे से पहले कोई भी शो नहीं चल सकता था, चाहे वह किसी भी फिल्म का हो। इसका मतलब था कि 4 बजे, 5 बजे या 7 बजे जैसे जल्दी के शो, जो अक्सर फैंस और ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, पूरी तरह से समाप्त हो गए थे।

अब, जब तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने 2026 के विधानसभा चुनावों में सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ गठबंधन करके सरकार बनाई है, तो इन नियमों में बदलाव स्वाभाविक लग रहा है। विजय, जो खुद दशकों से तमिल सिनेमा के केंद्र में रहे हैं, उन्हें उद्योग की समस्याओं का बेहतर बोध है। इसलिए, 'करुप्पु' के लिए दी गई यह अनुमति सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह थिएटर शो पॉलिसी में व्यापक बदलाव की ओर इशारा करती है।

'करुप्पु' और तृषा कृष्णन की भूमिका

फिल्म 'करुप्पु', जिसमें तृषा कृष्णन सह-प्रमुख भूमिका में हैं, तमिल सिनेमा की सबसे अधिक प्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। आरजे बालाजी द्वारा निर्देशित इस एक्शन फिल्म की रिलीज पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सुबह 9 बजे के शो की अनुमति मिलने से फिल्म के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस संग्रह पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के शो ट्रेडर्स के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत होते हैं, खासकर जब फिल्म की डिमांड ज्यादा हो। DMK सरकार के दौरान लगे प्रतिबंधों ने थिएटर मालिकों और निर्माताओं को काफी नुकसान पहुंचाया था। अब, नई सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि अन्य फिल्मों के लिए भी ऐसे ही शो की अनुमति दी जा सकती है, जिससे पूरे सिनेमा उद्योग को राहत मिलेगी।

राजनीति और सिनेमा का जुड़ाव

विजय का राजनीति में प्रवेश और मुख्यमंत्री बनना तमिल सिनेमा के लिए एक बड़ी घटना है। उनके पास एक विशाल फैन फॉलोइंग है, और उनका हर कदम उद्योग पर गहरा प्रभाव डालता है। विकिपीडिया के अनुसार, विजय का जन्म 22 जून 1974 को हुआ था और उन्होंने 1992 में 'नालय थियरपू' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद 'पोव उनाक्कागा', 'घिल्ली', और 'पोक्किरी' जैसी हिट फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार का दर्जा दिलाया।

हालांकि, Dailymotion पर उपलब्ध एक विश्लेषणात्मक वीडियो में यह तर्क दिया गया है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने से तमिल सिनेमा में एक "सुपरस्टार संकट" पैदा हो सकता है। वीडियो में कहा गया है कि विजय के राजनीति में जाने से उनकी पीढ़ी के अन्य स्टार्स जैसे अजित कुमार, सूर्या, विक्रम और धनुष के बीच प्रतिस्पर्धा और समीकरण बदल सकते हैं। फिर भी, वर्तमान में विजय का यह कदम उद्योग के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

भविष्य क्या लाएगा?

'करुप्पु' के लिए दी गई इस विशेष अनुमति के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नई सरकार अन्य फिल्मों के लिए भी सुबह के शो की अनुमति देती है या नहीं। यदि हां, तो यह तमिलनाडु के सिनेमाघरों की आय और फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर गहरा असर डाल सकता है। उद्योग के लोगों की उम्मीद है कि यह बदलाव स्थायी होगा और सिनेमा उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला ऐसा कदम है जो सीधे तौर पर मनोरंजन क्षेत्र से जुड़ा है। यह दिखाता है कि वे अपने राजनीतिक दायित्वों के साथ-साथ अपने पूर्व उद्योग की जरूरतों को भी समझते हैं। आगामी दिनों में, यह देखना रोचक होगा कि क्या यह नीति परिवर्तन व्यापक स्तर पर लागू होता है या केवल विशेष मामलों तक सीमित रहता है।

Frequently Asked Questions

वर्तमान में, यह अनुमति विशेष रूप से 'करुप्पु' के लिए दी गई है। हालांकि, उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक व्यापक नीति बदलाव की शुरुआत हो सकती है। यदि सरकार इस नीति को व्यापक रूप से लागू करती है, तो अन्य फिल्मों के लिए भी सुबह के शो की अनुमति दी जा सकती है।

DMK सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्था के कारण सुबह के शो पर रोक लगाई थी। उस समय, सुबह 9 बजे से पहले किसी भी शो की अनुमति नहीं थी, जिसका उद्देश्य संभवतः भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना था।

थलैपति विजय की राजनीतिक पार्टी, तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ गठबंधन में है। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन स्पष्ट बहुमत से थोड़ा कम रही, जिसके बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन करके सरकार बनाई गई।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि विजय के राजनीति में प्रवेश से तमिल सिनेमा में एक "सुपरस्टार संकट" पैदा हो सकता है, क्योंकि वे अब पूर्णकालिक अभिनेता नहीं रहेंगे। हालांकि, उनके वर्तमान कदम, जैसे कि 'करुप्पु' के लिए सुबह के शो की अनुमति देना, उद्योग के प्रति उनके समर्थन को दर्शाते हैं।

'करुप्पु' का फर्स्ट डे फर्स्ट शो (FDFS) 14 मई से शुरू होगा, और इस दिन से फिल्म के शो आधिकारिक रूप से सुबह 9 बजे से चलेंगे, जो कि विशेष अनुमति के तहत तय किए गए हैं।

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