सौर ऊर्जा: घर और बिज़नेस के लिए क्या आसान और काम का है?
सोचा है कि बिजली बिल घटे और आप स्वच्छ बिजली खुद बनाएं? सौर ऊर्जा यही मौका देती है। छत पर सोलर पैनल लगवाकर आप हर महीने की बिलिंग काट सकते हैं, साथ ही बिजली कटौती पर निर्भरता कम हो जाती है।
साधारण शब्दों में सोलर सिस्टम तीन हिस्सों में होता है: पैनल (सूरज की रोशनी को बिजली में बदलते हैं), इन्वर्टर (DC को AC में बदलता है) और बैटरी (ऑफ़-ग्रिड या बैकअप के लिए)। ऑन-ग्रिड सिस्टम में आप ग्रिड से जुड़कर अतिरिक्त बिजली बेचना भी कर सकते हैं—इसे नेट-मीटरिंग कहते हैं।
कौन सा सिस्टम आपके लिए सही रहेगा?
यदि आपका मकान या दफ्तर रोज़ाना दिन में अधिक बिजली इस्तेमाल करता है तो रूफटॉप ऑन-ग्रिड सिस्टम सबसे किफायती रहता है। ऑफ-ग्रिड सिस्टम उन जगहों के लिए ठीक है जहाँ ग्रिड भरोसेमंद नहीं है या कटौती बहुत होती है—लेकिन इसमें बैटरियों का खर्च बढ़ जाता है।
पैनल चुनाव: मونوक्रिस्टलाइन पैनल जगह कम हो तो बेहतर होते हैं क्योंकि ये ज्यादा एफिशिएंट होते हैं। पॉलीक्रिस्टलाइन सस्ते होते हैं और बड़े एरिया में ठीक काम करते हैं। इन्वर्टर के लिए वेन्डर की वारंटी और एफएफआर (पीक क्षमता) देखना जरूरी है।
इंस्टालेशन के आसान स्टेप
1) छत की जगह और छाया का आकलन कराएं। 2) अपनी मासिक बिजली खपत देखकर kW क्षमता निर्धारित करें। 3) कम से कम तीन-चार विक्रेता से कोट लें और प्रमाणित इंस्टॉलर चुनें। 4) डिस्कॉम से नेट-मीटरिंग और अनुमति की प्रक्रिया शुरू करें। 5) इंस्टालेशन के बाद सिस्टम की टेस्टिंग और कमिशनिंग कराएं।
सरकारी सब्सिडी और योजनाएँ राज्यों और सर्कार के अनुसार बदलती हैं—इसलिए अपने राज्य के DISCOM या सोलर पोर्टल पर सब्सिडी, टैक्स लाभ और नेट-मीटरिंग नियम जरूर जांचें।
रखरखाव आसान है: पैनलों को साल में 2–4 बार साफ करें, इन्वर्टर की एलईडी स्टेटस देखें और कनेक्शन की आंख मिचौली न होने दें। पैनलों की वारंटी अक्सर 25 साल की पॉवर वारंटी और 10–12 साल की उत्पाद वारंटी मिलती है; इन्वर्टर की वारंटी 5–10 साल होती है।
कितनी बचत होगी? यह निर्भर करता है आपकी बिजली दर, सिस्टम साइज और इंस्टालेशन लागत पर। औसतन 3–7 साल में निवेश वसूल होना आम बात है, और उसके बाद मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है।
सुरक्षा और नियम: सर्टिफाइड इंस्टॉलर चुनें, बिजली ग्राउंडिंग और सुरक्षात्मक फ्यूज़ लगवाएं। तुफानी मौसम में पैनल के कवर और मजबूती जांचना न भूलें।
अगर आप आज ही शुरुआत करना चाहते हैं तो पहले अपनी सालाना बिजली खपत (kWh) निकालिए, छत की दिशा और छाया जाँची और 2-3 कोट लेकर कॉस्ट-बेनिफिट तुलना करिए। सोलर सिर्फ बिजली बचाने का जरिया नहीं—यह खर्च कम करने और पर्यावरण के लिए भी सही कदम है।

सोलौरियम ग्रीन एनर्जी ने बीएसई एसएमई के साथ आईपीओ लॉन्च करने के लिए डीआरएचपी फाइल किया
- सित॰, 13 2024
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सोलौरियम ग्रीन एनर्जी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के एसएमई प्लेटफॉर्म के साथ अपने प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) फाइल किया है। कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से 55 लाख इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। यह विकास सौर ऊर्जा कंपनियों द्वारा सार्वजनिक पेशकशों के माध्यम से पूंजी जुटाने के चलन का हिस्सा है।
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