रेल दुर्घटना — तुरंत क्या करें और कैसे सुरक्षित रहें
रेल दुर्घटना की घटना में घबराहट आम बात है। पर सबसे जरूरी काम शांत रहकर सही कदम उठाना है। क्या करना चाहिए — पहले अपनी और पास वालों की जान बचाना, हेल्पलाइन कॉल करना और घायल को प्राथमिक मदद देना। नीचे सरल और काम आने वाले कदम दिए हैं जिनसे आप तुरंत मदद पा सकते हैं।
तुरंत करने योग्य काम (पहले 10-15 मिनट)
1) अपनी सुरक्षा तय करें: अगर ट्रेन से बाहर निकलना सुरक्षित है तो धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म या खुले स्थान की ओर जाएँ। ट्रैक पर हलचल या बिजली के तार दिखाई दे तो दूर रहें।
2) मदद को सूचित करें: भारतीय रेलवे की हेल्पलाइन 139 और राष्ट्रीय आपात नंबर 112 पर तुरंत कॉल करें। साथ ही RPF/GRP को भी सूचित करें।
3) घायल की प्राथमिक मदद: छोटे घावों पर दबाव डालकर खून रोकें, बेहोशी में साँस जाँचें। गंभीर चोटों में घायल को बिना विशेषज्ञ सलाह के हिलाएँ नहीं। आसपास जो लोग हैं उनसे तुरंत सहायता माँगें।
4) जानकारी इकट्ठा करें: दुर्घटना का स्थान, ट्रेन का नंबर, समय और संभव गवाहों के नाम नोट कर लें। मोबाइल से फोटो/वीडियो लें—पर यह तभी करें जब इससे किसी की सुरक्षा को खतरा न हो।
रिपोर्टिंग, कानूनी कदम और दावा कैसे करें
घटना के बाद RPF/GRP के पास FIR दर्ज कराना जरूरी है। मेडिकल रिपोर्ट और उपचार के बिल सुरक्षित रखें। भारतीय रेल के चालू क्लेम प्रक्रिया के लिए रेलवे क्लेम्स ऑफिस या आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। गंभीर मामलों में रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल की मदद ली जा सकती है।
यदि बचाव दल (NDRF/SDRF) मौके पर आया है तो उनकी टीम के निर्देश मानें और राहत शिविर/अस्थायी चिकित्सा केन्द्र का पता लगाएँ। मुआवज़े और नुकसान के दावे में यात्रा टिकट, पहचान पत्र, मेडिकल बिल और गवाहों के बयान काम आते हैं।
राहत की सूचनाएँ और अपडेट अक्सर रेलवे अधिकारी या स्थानीय प्रशासन देते हैं—स्थानीय स्टेशन राष्ट्रपति/कंट्रोल रूम के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक ट्विटर/वेबसाइट से भी जानकारी मिलती है।
याद रखें: अफवाहों पर भरोसा न करें। सबसे विश्वसनीय स्रोत वही है जो रेलवे या आधिकारिक एजेंसी जारी करे।
यात्रियों के लिए छोटी पर उपयोगी सावधानियाँ: ट्रेन में दरवाज़े बंद रखें, ओवरहेड प्लेटफॉर्म से दूर खड़े रहें, लेवल क्रॉसिंग पर रुकें और संकेतों का ध्यान रखें। भीड़ में टिकट-वॉलेट और महत्वपूर्ण कागजात सुरक्षित रखें।
एक छोटा नोट: अगर आप अक्सर रेल यात्रा करते हैं तो बेसिक फर्स्ट-एड का एक छोटा किट रखें और आपातकालीन नंबर याद कर लें। ये सीधी और काम आने वाली आदतें दुर्घटना के समय फायदेमंद साबित होती हैं।
अगर आपको और जानकारी चाहिए—जैसे क्लेम फॉर्म कैसे भरें या नज़दीकी सहायता केंद्र कहाँ हैं—तो बताइए, मैं स्टेप-बाय-स्टेप बताकर मदद कर सकता/सकती हूँ।

चेन्नई सेंट्रल से विशेष ट्रेन रवाना, बागमती एक्सप्रेस दुर्घटना में फंसे यात्रियों की सहायता
- अक्तू॰, 12 2024
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चेन्नई के पास कवरैपट्टई रेलवे स्टेशन पर ठहरे एक मालगाड़ी से टकराने के बाद बागमती एक्सप्रेस के 19 यात्री घायल हो गए और 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर दुख व्यक्त किया और इसकी निगरानी की। चेन्नई सेंट्रल से विशेष ट्रेन द्वारा बाकी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया। कई ट्रेनों को रद्द या अन्य मार्ग से चलाया गया।
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