फिल्म समीक्षा

क्या आप नई फिल्म देखने से पहले रिव्यू पढ़ना पसंद करते हैं? यह पेज उसी के लिए है। यहाँ जमा समाचार की टीम और हथियारबंद क्रिटिक्स की रिव्यूज मिलेंगी — सीधे, साफ और उपयोगी। हम सिर्फ यह नहीं बताते कि फिल्म अच्छी है या बुरी, बल्कि बताते हैं कि क्यों।

हमारी रिव्यू पद्धति

हर रिव्यू चार स्पॉट पर फोकस करता है: कहानी, एक्टिंग, निर्देशन और तकनीकी पहलू (कैमरा, संपादन, संगीत)। कहानी में हम टाइप और pacing देखते हैं; एक्टिंग में प्रदर्शन और केमिस्ट्री; निर्देशन में नजर और कहने का तरीका; तकनीकी में प्रोडक्शन वैल्यू और सीन-टू-सीन असर। साथ में हम Spoiler चेतावनी भी देते हैं ताकि आप पहले से जानकर ही पढ़ें या बचें।

हम रेटिंग देते समय व्यक्तिगत राय के साथ दर्शक की उम्मीद और फिल्म की शैली का ध्यान रखते हैं। उदाहरण के लिए, आर्ट-हाउस फिल्म में धीमी रफ्तार को नेगेटिव नहीं माना जाएगा अगर वह उद्देश्य पूरा कर रही हो। और ब्लॉकबस्टर में एक्शन की कमी बड़ी कमी मानी जाएगी।

पढ़ने और लिखने के आसान टिप्स

रिव्यू पढ़ते समय इन तीन बातों पर नजर रखें: 1) क्या रिव्यू में कहानी का सार है बिना बड़े स्पॉइलर के, 2) क्या रिव्यू में एक्टिंग और निर्देशन पर ठोस उदाहरण हैं, 3) रेटिंग का आधार क्या है। अगर इनका जवाब स्पष्ट है तो रिव्यू आपके लिए उपयोगी है।

अगर आप खुद रिव्यू लिखना चाहते हैं तो शुरूआत ऐसे करें: एक-लाइन में फिल्म का सार, फिर तीन पैराग्राफ—कहानी, प्रदर्शन, तकनीकी—और अंत में साफ रेटिंग। कम शब्दों में सटीक बातें लिखें और अनावश्यक तारीफ से बचें।

इस टैग पर आपको सिर्फ मूवी रिव्यू नहीं मिलेंगे, बल्कि अवॉर्ड कवरेज, फिल्मी फैशन अपडेट और कुछ इवेंट-रिपोर्ट भी मिल सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, हमारी गोल्डन ग्लोब्स कवरेज और हालिया बॉलीवुड समारोह की रिपोर्ट्स इसी टैग से जुड़ी रहती हैं।

हम चाहते हैं कि आप पढ़ने के बाद तय कर सकें—टिकट लें या घर पर देखें। अगर आप किसी रिव्यू से सहमत नहीं हैं, नीचे कमेंट में अपनी बात जरूर लिखें। आपके विचारों से दूसरे पाठकों को मदद मिलती है और हमारी रिव्यू भी बेहतर बनती है।

नवीनतम रिव्यू के लिए इस पेज को फॉलो करें। नए पोस्ट आते ही आपको ताज़ा रेटिंग, क्लिप्स और हाइलाइट्स मिलेंगे। फिल्मों की सूची, रेटिंग और रिव्यू पढ़कर आप समझदारी से फैसला कर पाएंगे—और अगर चाहें तो हमसे रिव्यू सबमिट भी कर सकते हैं।

नोक्तर्नाल मुंबई की जादुई चित्रण: 'ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट' समीक्षा

नोक्तर्नाल मुंबई की जादुई चित्रण: 'ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट' समीक्षा

  • मई, 24 2024
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पायल कपूरडिया की फिल्म 'ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट' मुंबई के रात्री जीवन के सपने जैसे आकर्षण का सिनेमाई श्रद्धांजलि है। यह फिल्म तीन सशक्त महिलाओं के जीवन की कहानी प्रस्तुत करती है जो एक ही अस्पताल में काम करती हैं। फिल्म की संवेदनशील और सम्मानजनक दृष्टिकोण ने इसे कान फ़िल्म फेस्टिवल में मज़बूत दावेदार बना दिया है।