परमवीर चक्र: भारत का सर्वोच्च शौर्य सम्मान
परमवीर चक्र देश का सबसे बड़ा सैन्य शौर्य पुरस्कार है। ये पुरस्कार उन सैनिकों को मिलता है जिन्होंने वीरता की ऐसी मिसालें पेश कीं कि उनकी कार्रवाई से मिशन या देश की रक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ा। यह अकसर जान जोखिम में डालकर दिखाई गई बहादुरी के लिए दिया जाता है।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
कौन इसे पा सकता है? किसी भी सेवा-योग्य व्यक्ति — सेना, वायु सेना या नौसेना के जवान — जो युद्ध या शत्रुता में असाधारण बहादुरी दिखाते हैं, उनके लिए यह पुरस्कार रखा गया है। यह पोस्टह्युमस भी मिल सकता है जब शहीद के पराक्रम के कारण ही सम्मान दिया जाता है।
चयन प्रक्रिया में कमांडिंग अफसर की सिफारिश, कर्मयोग्यता की जांच और उच्च सैन्य कमेटियों की समीक्षा शामिल होती है। उसके बाद मामला राष्ट्रपति के पास जाता है, जो अंतिम निर्णय देते हैं और औपचारिक रूप से पदक प्रदान करते हैं। यह एक सख्त और पारदर्शी प्रक्रिया है ताकि सिर्फ असली शौर्य को ही मान्यता मिले।
प्रसिद्ध विजेताओं और उनकी कहानियाँ
कुछ कहानियाँ इतनी प्रसिद्ध हो जाती हैं कि वे देश के लोगों के दिल में बस जाती हैं। Major Somnath Sharma 1947 के समय पहले प्राप्तकर्ताओं में से थे और उनकी बहादुरी आज भी याद की जाती है। Company Quartermaster Havildar Abdul Hamid ने 1965 के युद्ध में टैंक से अद्वितीय साहस दिखाया और उन्हें परमवीर चक्र मिला। कर्गिल युद्ध की यादगार कहानियों में Captain Vikram Batra और Subedar Yogendra Singh Yadav की वीरता शामिल है। Bana Singh जैसे सैनिकों ने सियाचीन की ऊँचाइयों पर कठिन हालात में भी अद्भुत शौर्य दिखाया।
हर विजेता की कहानी अलग है — कुछ ने अकेले दुश्मन ठिकाने तबाह किए, कुछ ने साथियों की जान बचाई। ये किस्से हमें बताता है कि शौर्य का असली अर्थ क्या है: डर के बीच भी कर्तव्य निभाना।
क्या आप ऐसे वीरों की कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं? their citations और अभियानों की डिटेल पढ़कर आप समझ पाएँगे कि असल में किस तरह की परिस्थितियों में ये शौर्य दिखाया गया। हमारे पास उन घटनाओं की संक्षिप्त जानकारी और संदर्भ मौजूद हैं ताकि आप सीधे उन घटनाओं के बारे में जान सकें।
अंत में, परमवीर चक्र सिर्फ एक पदक नहीं है—यह देश की कसम, त्याग और साहस का प्रतीक है। अगर आप इन कहानियों से प्रेरित हैं तो उन्हें आगे साझा करें, स्मारक देखें या जवानों के परिवारों का सम्मान करें। 'जमा समाचार' पर हमने शौर्य से जुड़ी प्रमुख खबरें और विश्लेषण नियमित रूप से प्रकाशित किए हैं—टैग "परमवीर चक्र" से जुड़ी रिपोर्ट्स देखने के लिए पेज के आर्टिकल्स खोलें।

कारगिल विजय दिवस 2024: जानें परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के पालमपुर स्थित घर के बारे में
- जुल॰, 25 2024
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कैप्टन विक्रम बत्रा का पालमपुर स्थित घर 'विक्रम बत्रा भवन' कारगिल विजय दिवस 2024 के मौके पर महत्व का स्थान रखता है। कैप्टन बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हुआ था और वे कारगिल युद्ध के प्रमुख नायक थे। उनके अद्वितीय साहस के कारण उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनके परिवार द्वारा निवास किया जाने वाला यह घर सेना की सुरक्षा में है, और दर्शकों को घर को दूर से देखने की अनुमति है।
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