पालमपुर: चाय बगानों और हरी वादियों का शहर

पालमपुर हिमाचल के कांगड़ा जिले में एक शांत नगर है जिसे उसकी चाय बगान, साफ़ हवा और धौलाधर पहाड़ियों के नज़ारों के लिए जाना जाता है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर आराम और नेचर चाहते हैं तो पालमपुर आसान, सस्ती और खूबसूरत जगह है। यहाँ के छोटे-छोटे गांवों में लोकजीवन और कलाकारों की मौजूदगी आपको जल्दी ही सिकुड़ते शहरों से अलग माहौल देंगी।

कैसे पहुँचें

हवाई मार्ग: सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट धर्मशाला/कांगड़ा (गग्गल) है, जो पालमपुर से टैक्सी से करीब 40–50 किलोमीटर पर है।

रेल मार्ग: नज़दीकी बड़ा रेलहेड पठानकोट है; उससे रोड के जरिए पालमपुर पहुँचना सहज है।

सड़क मार्ग: पालमपुर सड़क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है — हर रोज़ दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला से बसें और प्राइवेट वाहन आते हैं। अगर आप सड़कों पर सफर पसंद करते हैं तो गाड़ी से ड्राइव कर के आते हुए डीहली-मनाली मार्ग के अलावा लोकल राज्य हाइवे इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या देखें और क्या करें

चाय बगान: पालमपुर की खासियत कांगड़ा टी बगान हैं। सुबह-सुबह बागानों में टहलना, चाय की खुशबू लेना और स्थानीय चाय की चुस्की लेना जरूरी है। कई छोटे-छोटे टूर ऑपरेटर चाय बगान वॉक करवाते हैं।

आन्द्रेटा कलाकार गांव: अगर आप कला या हस्तशिल्प में रुचि रखते हैं तो आन्द्रेटा (Andretta) ज़रूर जाएँ। यहाँ पॉटरी स्टूडियो, कैफे और कलाकारों की गैलरी मिलेंगी।

बैजनाथ मंदिर: करीब 15–20 किलोमीटर दूर स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर वास्तुकला और शांति के लिए मशहूर है। भगवान शिव के भक्तों के लिए कम दूरी पर अच्छा एक दिन का भ्रमण है।

नीगल (Neugal) और छोटे जलप्रपात: आसपास छोटे पानी के झरने और क़्वायट स्पॉट हैं जहाँ पिकनिक करना पसंद किया जाता है।

नज़दीकी एक्टिविटीज: पलामपुर से बिर-बिलिंग पाराग्लाइडिंग के लिए बेस है—अगर एडवेंचर चाहिए तो एक-दो घंटे की ड्राइव पर दुनिया की मशहूर साइट मिलेगी।

कहाँ ठहरें और क्या खाएँ: पालमपुर में गेस्टहाउस से लेकर अच्छे बुटीक होटलों तक विकल्प हैं। स्थानीय ढाबों में सिंपल हिमाचली खाना और पैक्ड चाय-पकौड़ी मिल जाएगी। अगर आप बजट में हैं तो होमस्टे अच्छी पसंद है—मेज़बान आमतौर पर लोकल टिप्स और जगहों के बारे में बढ़िया बताते हैं।

मौसम और सबसे अच्छा समय: पतझड़ और वसंत (मार्च–जून) और सितंबर–नवंबर के बीच मौसम साफ़ और सुखद रहता है। मानसून में (जुलाई–अगस्त) बारिश तीव्र हो सकती है—सड़कें फिसल सकती हैं। सर्दियों में ठंड बढ़ जाती है, पर हिमालयी नज़ारे साफ़ मिलते हैं।

यात्रा टिप्स: 1) चाय बगान में फोटो लेने से पहले अनुमति लें। 2) पैदल घूमने के लिए सुविधाजनक जूते और हल्का जैकेट साथ रखें। 3) स्थानीय दुकानों से कांच-गम और हस्तशिल्प खरीदें—मूल्य पर हल्की बातचीत करें। 4) यात्रा से पहले मौसम और सड़क स्थिति चेक कर लें।

अगर आप एक आसान-शांत और नेचर-केंद्रित हॉलिडे चाहते हैं, तो पालमपुर का प्लान बनाइये—धीमी ज़िंदगी, चाय की खुशबू और पहाड़ी नज़ारे आपको तरोताजा कर देंगे।

कारगिल विजय दिवस 2024: जानें परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के पालमपुर स्थित घर के बारे में

कारगिल विजय दिवस 2024: जानें परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के पालमपुर स्थित घर के बारे में

  • जुल॰, 25 2024
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कैप्टन विक्रम बत्रा का पालमपुर स्थित घर 'विक्रम बत्रा भवन' कारगिल विजय दिवस 2024 के मौके पर महत्व का स्थान रखता है। कैप्टन बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हुआ था और वे कारगिल युद्ध के प्रमुख नायक थे। उनके अद्वितीय साहस के कारण उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनके परिवार द्वारा निवास किया जाने वाला यह घर सेना की सुरक्षा में है, और दर्शकों को घर को दूर से देखने की अनुमति है।