महिलाओं की 100 मीटर टी35
टी35 वर्ग की 100 मीटर रेस उन एथलीटों के लिए है जिनमें समन्वय (coordination) और मांसपेशी टोन से जुड़ी कुछ चुनौतियाँ होती हैं, जैसे सिज़ेरल पाल्सी जैसी परिस्थितियाँ। अगर आप एथलीट हैं या किसी को सपोर्ट कर रहे हैं, तो यहां सीधी और काम की जानकारी मिलेगी — नियम, ट्रेनिंग के कट‑टु‑द पॉइंट्स और मुकाबले के आसान टिप्स।
टी35 क्या है और मुकाबला कैसे होता है?
टी35 एक पैराथलेटिक्स क्लासिफिकेशन है जो मुख्यतः स्टैंडिंग एथलीटों के लिए है जिनमें हल्का से मध्यम हाइपरटोनिया, अटैक्सिया या एथेटोसिस हो सकता है। 100 मीटर रेस आमतौर पर पिस्ट पर सीधे दौड़कर पूरी होती है। शुरुआत के नियम और लेन‑डिसिप्लिन सामान्य ट्रैक नियमों की तरह होते हैं, पर कभी‑कभी स्टार्ट‑पोजिशन और सहायता की जरूरत के हिसाब से छोटे बदलाव होते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले अपने classification और अपरिहार्य मेडिकल डॉक्यूमेंट्स सुनिश्चित कर लें।
सीधे और असरदार ट्रेनिंग टिप्स
ट्रेनिंग को आसान हिस्सों में बाँटें। हर सत्र का उद्देश्य क्लियर रखें — स्पीड, स्ट्रेंथ, बैलेंस या रेस‑टैक्टिक्स।
- वार्म‑अप और मोबिलिटी: 15–25 मिनट का संतुलित वार्म‑अप जरूरी है। हल्की जॉगिंग, डायनमिक स्ट्रेच और कूल‑मसल एक्टिवेशन से मांसपेशियों की तैयारी होती है और चोट का जोखिम घटता है।
- स्पीड वर्क: छोटे स्प्रिंट्स (20–60 मीटर) तेज शुरुआत और फिनिश लें, पर रेस्ट पूरा रखें। गुणवत्ता पर जोर दें — हर रिपीट में फॉर्म सही रखें।
- बल और कोर: सिंगल‑लेग स्क्वाट, पुलअप, प्लेट‑प्रेस और कोर‑स्टेबिलिटी एक्सरसाइज से स्टेबिलिटी बढ़ती है। शक्ति सीधे स्प्रिंट पर असर डालती है।
- समन्वय और समतुल्यता: बयालेंस‑बोर्ड, कॉन ड्रिल और शॉर्ट एगिलिटी लैडर से फूटवर्क और समन्वय सुधारें।
- रिकवरी और फ्लेक्सिबिलिटी: सोना, प्रोटीन और स्ट्रेचिंग पर ध्यान दें। मसाज या हल्की फिजियो थेरेपी मदद करती है।
रेस‑डेज़ पर क्या करें? रेस से 60–90 मिनट पहले हल्का वार्म‑अप करें, स्टार्टिंग पोजिशन का प्रैक्टिस लें और माइक्रो‑रूटीन अपनाएं: सांस‑कंट्रोल, विज़ुअलाइज़ेशन और छोटा स्ट्रेच सैट। स्टार्ट में तेज़ी पर फोकस रखें पर शुरुआत के बाद अपने स्ट्राइड‑रैटियो को बनाए रखें।
टिप्स कोच के साथ मिलकर अपनाएँ। रिकॉर्ड और प्रदर्शन सुधारने के लिए छोटे‑छोटे मॉड्यूल्स में लक्ष्य रखें — 4 हफ्ते का स्पीड ब्लॉक, फिर 4 हफ्ते स्ट्रेंथ।
कहाँ देखना है और किससे जुड़ना है? पैरालंपिक गेम्स, वर्ल्ड पैराथलेटिक्स चैंपियनशिप और राष्ट्रीय पैराथलेटिक्स इवेंट्स टी35 की प्रमुख प्रतियोगिताएँ हैं। सोशल मीडिया पर आधिकारिक फेडरेशन और अनुभवी कोच्स के पेज फॉलो करें ताकि तकनीक और नियमों में आने वाले अपडेट मिलते रहें।
अगर आप एथलीट हैं या किसी एथलीट को कोच कर रहे हैं, तो छोटे बदलाव और नियमित मॉनिटरिंग से फर्क दिखता है। कोई भी प्रश्न हो तो बताइए — मैं प्रैक्टिकल सुझाव दे सकता/सकती हूँ।

पेरिस पैरालंपिक्स 2024 में भारत ने जीता पहला ट्रैक पदक: प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर टी35 में जीता कांस्य
- अग॰, 31 2024
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पेरिस पैरालंपिक्स 2024 में, प्रीति पाल ने अपनी शानदार प्रदर्शन के साथ भारत के लिए पहला ट्रैक पदक जीता। महिलाओं की 100 मीटर टी35 श्रेणी में प्रतियोगिता करते हुए, प्रीति पाल ने 14.21 सेकंड में रेस पूरी करके कांस्य पदक जीता और यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड भी है। यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2024 पेरिस पैरालंपिक्स में भारत का कुल तीसरा पदक है।
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