धीमी ओवर रेट: जानें क्यों होती है और कैसे बचा जा सकता है
क्या आपने देखा है कि कभी-कभी मैच में टीमें समय पर ओवर पूरे नहीं कर पातीं और बाद में जुर्माना या पेनल्टी भुगतना पड़ता है? धीमी ओवर रेट सिर्फ कोच या कप्तान की नाकामी नहीं है — यह प्लानिंग, पिच और मैच के मौकों का मिला-जुला असर होता है। यहाँ सीधे, व्यावहारिक और तुरंत लागू करने लायक सुझाव मिलेंगे।
धीमी ओवर रेट के आम कारण
सबसे पहले कारण समझें। मैदान पर ज्यादा बदलाव (फील्डर बदलना, गेंद बदलना), बार-बार समीक्षा (DRS), अंपायर से लंबी चर्चाएँ, और ड्रिंक ब्रेक जैसी व्यवधानें ओवर रेट धीमी कर देती हैं। साथ ही अगर बॉलिंग आर्मी छोटी हो और बार-बार रन-अप लंबा हो तो समय बढ़ता है। आखिरकार सीमित टाइम और ब्रेक का सही प्रबंधन न होने से हर ओवर के बीच की औसत लंबी हो जाती है।
कुछ उदाहरण भी हैं: टी20 में जहां हर गेंद कीमती है, धीमी ओवर रेट का मतलब टीम को फाइन और कप्तान पर कार्रवाई। टेस्ट या वनडे में भी बार-बार इंटरप्शन पूरे गेम के फ्लो को बिगाड़ देते हैं। प्रसारण और दर्शक भी इससे प्रभावित होते हैं — लाइव ब्रेक के कारण एड टाइम बढ़ता है और दर्शकों का अनुभव खराब होता है।
नियम, नतीजे और जिम्मेदारियाँ
अधिकारिक तौर पर मैच रेगुलेशन टीम और कप्तान दोनों पर ओवर रेट का जिम्मा डालते हैं। अगर समय पर ओवर पूरे नहीं होते, तो खिलाड़ी जुर्माना, कप्तान पर नोटिस या रिपीट अपराध पर सख्त सजा हो सकती है। कुछ प्रतियोगिताओं में प्वाइंट कट या मैच में पेनल्टी का प्रावधान भी रहता है। इसलिए कप्तान को खेल के दौरान ओवर रेट मॉनिटर करना ज़रूरी है।
अब बात करें कि क्या करें — सरल, सीधे कदम जो मैच के दौरान असर दिखाते हैं:
- हर ओवर में समय का ट्रैक रखें: टीम के पास एक जवाबदार खिलाड़ी रखें जो ओवर रेट का हिसाब देता रहे।
- फील्ड सेट पहले तय करें: बल्लेबाजी के आधार पर दो-तीन फील्ड सेट तैयार रखें ताकि हर बार कप्तान समय न गवांए।
- बॉलर रोटेशन और रन-अप कम करें: तेज बॉलरों से कहें कि रन-अप में तेजी रखें और ब्रेक के बीच warm-up पहले पूरा कर लें।
- DRS और अंपायर से चर्चाएँ संक्षेप में रखें: केवल जरूरी पलों पर ही स्पष्टीकरण लें।
- प्री-प्लान ड्रिंक ब्रेक्स और मेडिकल स्टॉप: अगर ब्रेक होना तय है तो उसे ओवर शेड्यूल के अनुरूप रखें।
इन छोटे बदलावों से टीमें अक्सर मिनटों में ओवर रेट सुधार लेती हैं — और जुर्माने बच जाते हैं।
आखिर में, धीमी ओवर रेट केवल तकनीकी मामला नहीं है; यह टीम के समन्वय, निर्णय लेने की गति और मैच मैनेजमेंट का प्रतिबिंब है। कप्तान और कोच मिलकर अगर छोटे कार्य प्रक्रिया बदलें, तो बेहतर ओवर रेट और शांत मैच कंट्रोल दोनों मिल सकते हैं।

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या पर एक मैच का प्रतिबंध और धीमी ओवर रेट के लिए भारी जुर्माना
- मई, 18 2024
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बीसीसीआई ने मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या पर आईपीएल 2024 सीज़न के आखिरी मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ धीमी ओवर रेट बनाए रखने के लिए एक मैच का प्रतिबंध लगाया है। यह सीज़न में मुंबई इंडियंस का तीसरा ऐसा अपराध है।
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