आगरा में भीषण गर्मी: जून के महीने में पारा 43°C के पार, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
जून, 16 2025
आगरा में तापमान की मार: कब तक बचेगा चैन?
आगरा इन दिनों सूरज की तपिश से झुलस रहा है। जून 2025 की शुरुआत से ही शहर का तापमान लगातार 40°C के ऊपर जा रहा है। दूसरी और सबसे बड़ी परेशानी – रातों को भी पारा 34°C के आसपास टिका रहता है। ऐसे में ए.सी. और कूलर वालों के यहां भी राहत नहीं है, क्योंकि हवा में नमी बेहद कम है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हीटवेव को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिन में पारा 43°C तक पहुँच चुका है और अगले कुछ दिनों तक इसी स्तर पर रहने की आशंका है। IMD से मिली जानकारी के मुताबिक अगले हफ्ते तक आगरा में हालात में खास सुधार नहीं दिखेगा।
तपिश के साथ धूल भरी आंधियां इस गर्मी को दोगुना झेलाऊ बना रही हैं। आसमान में लगातार धूप और मिट्टी की चादर सी बिछी रहती है। IMD के अनुसार पूरे महीने में मात्र दो दिन ही बारिश के आसार हैं, बाकी वक्त आग उगलती धूप और बेमौसमी आंधियां परेशान करती रहेंगी। औसतन हर दिन 11.9 घंटे तेज़ धूप आगरा को और तपाती जागी।
लोगों पर असर और सरकारी चेतावनी
ऐसी गर्मी में सरकारी अस्पतालों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक लोग सावधानी बरतने में ही समझदारी देख रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार सलाह दे रहा है कि लोग खूब पानी पिएं, धूप में कम निकलें और सुबह-शाम का वक्त तफरीह के लिए चुनें। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लापरवाही ना करें। हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के डॉक्टर बताते हैं, इस महीने धूप और लू से बदन का पानी तेजी से सूखता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्के ढीले कपड़े पहनना और छांव का सहारा लेना जरूरी है। कई कॉलोनियों में पानी की समस्या भी सिर उठा रही है, जिससे परेशानी दोहरी हो गई है।
वहीं, स्कूलों में बच्चों के लिए कक्षाएं या तो सुबह जल्दी शिफ्ट की गई हैं या छुट्टियों की शुरुआत पहले कर दी गई है। कई दफ्तरों ने भी कर्मचारियों को फ्लेक्सिबल समय देने का फैसला लिया है। आइसक्रीम विक्रेताओं, छाछ और जलजीरा वालों की दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ नज़र आती है।
जून के अंत तक थोड़ा राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम एजेंसियों का अनुमान है कि महीने के दूसरे हिस्से में तापमान कुछ डिग्री नीचे आ सकता है। हालांकि बरसात का इंतजार अब भी बना रहेगा क्योंकि जून में औसतन महज 56 मिमी बारिश मिलती है और इस बार भी हालात ज्यादा अलग नहीं लगते।
abhishek singh rana
जून 16, 2025 AT 17:31भाईयों, गर्मी के इस आलोक में पानी पीना सबसे ज़रूरी है, इसलिए हर दो‑तीन घंटे में एक ग्लास पानी जरूर लें, चाहे वह ठंडा हो या थोड़ा गुनगुना।
सूरज की धूप में बाहर जाने से पहले टोपी, चश्मा और हल्का कपड़ा पहनें, इससे शरीर के तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि संभव हो तो घर में पंखा या एयर कंडिशनर चलाएँ, और कमरे की खिड़कियाँ बंद रखें, जिससे गर्मी कम महसूस होगी।
सभी को सलाह है कि शाम‑सवेरे की ठंडी हवा में वॉक करें, लेकिन दोपहर की तेज़ धूप से बचें!
ख़ासकर बुजुर्ग और बच्चे इस बात पर ध्यान दें, नहीं तो हीट‑स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
Shashikiran B V
जून 24, 2025 AT 06:05भाई, ये लाल अलर्ट सिर्फ मौसम विभाग की हेडलाइन नहीं है, कहीं सरकार बड़े मार्केटिंग प्लान की तैयारी तो नहीं कर रही, जिससे लहूलुहू में भीड़ बढ़े।
सूरज के रडार को हेरफेर कर के तापमान को ऊपर धकेला गया होगा, इससे बीमा कंपनियों को फायदा होगा।
आगे भी ऐसे “न्यूज़” देखकर सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि सच तो छुपा रहता है।
Sam Sandeep
जुलाई 1, 2025 AT 18:38ये गर्मी तो हमारे पेट में आग लगा रही है बस। लोग दाढ़ी फिर से नहीं मरे।
Ajinkya Chavan
जुलाई 9, 2025 AT 07:11सुनो सब, आगरा की इस जलती हुई गर्मी में हम सबको एक ठोस कदम उठाना पड़ेगा!
पहला, हर घर में पानी की बोतलें अकड़-भड़क रखो, ताकि अचानक की कमी में घबराना न पड़े!
दूसरा, बच्चों को तेज़ धूप से दूर रखें, उन्हें सुबह-सवेरे और शाम के समय बाहर ले जाना सुरक्षित रहेगा!
तीसरा, स्थानीय पंचायतों को तुरंत फव्वारे और स्प्रिंकलर लगाने के लिए आदेश देना चाहिए, नहीं तो लोगों की हालत बिगड़ती जायेगी!
चौथा, सभी स्कूलों को हाइड्रेशन ब्रेक देना अनिवार्य बनाओ, ताकि विद्यार्थी थककर गिर न जाएँ!
पाँचवा, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट‑स्ट्रोक के लिये फ्री चेक‑अप कैंप लगाओ, ताकि जल्दी इलाज हो सके!
छठा, बाजार में आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्स की कीमतें नियंत्रित करो, क्योंकि लोग सस्ता समाधान चाहते हैं!
सातवाँ, इलेक्ट्रिक फैन्स और एसी की खरीद पर सब्सिडी दो, ताकि हर कोई ठंडक का आनंद ले सके!
आठवाँ, सोशल मीडिया पर फैकेड न्यूज़ को फ़िल्टर करो, क्योंकि पैनिक फैला कर कोई फायदा नहीं!
नौवाँ, दरियाई जल स्तर की निगरानी बढ़ाओ, क्योंकि जल संकट भी इस गर्मी के साथ और बढ़ेगा!
दसवाँ, शहर के सभी बड़े इवेंट्स को रद्द करो या शाम के समय शिफ़्ट करो, ताकि धूप में भीड़ न खड़े हों!
ग्यारहवाँ, आयुर्वेदिक दवाइयों की कीमतें स्थिर रखो, क्योंकि एंटी‑फिज़िकल ड्रग्स की मांग बढ़ेगी!
बारहवाँ, हर मोहल्ले में स्वेच्छा से बचाव वाले स्वयंसेवकों को ट्रेन करो, ताकि आपातकाल में मदद मिल सके!
तेरहवाँ, सभी सरकारी वाहनों को एसी से लैस करो, ताकि कर्मचारियों को काम के दौरान अत्यधिक गर्मी से बचाया जा सके!
चौदहवाँ, अंत में, हम सबको मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना है, क्योंकि एक अकेले नहीं कर सकता!
पंद्रहवाँ, याद रखो, सामुदायिक एकजुटता ही इस कठिन घड़ी में हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें इसे दोहराते रहना चाहिए।
Ashwin Ramteke
जुलाई 16, 2025 AT 19:45भाईयों, देखते हैं कि कई लोग अभी भी पानी की टैंकों को भरवाने में देर कर रहे हैं, इसलिए एक बार फिर याद दिलाते हैं कि सुबह की पहली रोशनी में टैंक भरवाएँ, इससे शाम को पानी की कमी नहीं होगी।
अगर कोई मदद चाहिए तो पड़ोसी साथ मिलकर काम कर सकते हैं, यह छोटा सा सहयोग बड़ी राहत ला सकता है।
धूप में बहुत समय न बिताएँ, और अगर एसी नहीं है तो फैन और ठंडे पानी से खुद को ठंडा रखें।
Rucha Patel
जुलाई 24, 2025 AT 08:18इतनी खस्ता हालत में लोग फिर भी गप्पें नहीं छोड़ते, ये किस तरह की बेपरवाही है।
सही उपाय अपनाओ, वरना बाद में पछताओ।
Kajal Deokar
जुलाई 31, 2025 AT 20:51माननीय नागरिको, इस तीव्र गर्मी के दौरान आपके सहयोग एवं जागरूकता सामाजिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निर्वाह करेगी।
अतः कृपया निम्नलिखित सुझावों को अपनाने की कृपा करें: पर्याप्त जल सेवन, धूप से बचाव, तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सा देखभाल प्राप्त करना।
सभी को शुभकामनाएँ एवं सुरक्षा की प्रार्थना।
Dr Chytra V Anand
अगस्त 8, 2025 AT 09:25सम्मानीय मंच के सदस्यगण, वर्तमान जलवायु स्थिति के संदर्भ में कई प्रश्न उत्पन्न होते हैं, जैसे कि क्या मौसमी चक्र में कोई असामान्य परिवर्तन हुआ है, तथा क्या इस परिदृश्य में जल उपलब्धता पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ सकता है?
विश्लेषणात्मक डेटा के आधार पर, कृपया इस विषय पर विस्तृत अध्ययन एवं चर्चा हेतु सहयोग प्रदान करें।
Deepak Mittal
अगस्त 15, 2025 AT 21:58मान्यवरों, यह स्पष्ट है कि इस अचानक तापमान वृद्धि का पीछे कोई योजनाबद्ध हस्तक्षेप है, संभवतः सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण हेतु मौसम में हेराफेरी की जा रही है।
स्ट्रेटेजिक रिसर्च रिपोर्ट के अभाव में भी, ऐतिहासिक डेटा संकेत करता है कि ऐसी स्थितियों को अक्सर राजनीतिक एजेंडा के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सभी को सतर्क रहने का निवेदन।
Neetu Neetu
अगस्त 23, 2025 AT 10:31वाह, बस अब तो आगरा में समर कैंप चल रहा है 😂🔥
Jitendra Singh
अगस्त 30, 2025 AT 23:05अरे! क्या बात है, जैसे ही रेड अलर्ट आया, सबको लगा कि अब घड़ी में समय भी बदल जाएगा!
नतीजतन, लोग पानी की बोतलें खरीदने लगे, जैसे बेकार की चीज़ों से ही जीवन बचाया जा सकता है!!
समझदार लोग तो जानते हैं कि ऐसी अलर्ट्स सिर्फ सरसराहट बढ़ाने के लिए होते हैं, परंतु फिर भी लोग इन्हें लेकर पैनिक करते हैं।
priya sharma
सितंबर 7, 2025 AT 11:38मान्यवर, उच्च तापमान में शरीर के थर्मोरेगुलेशन मिकैनिज़्म पर टेम्परेचर स्ट्रेस का प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है, तथा हाइड्रेशन स्तर में गिरावट हेमोडायनामिक संतुलन को बाधित करती है।
अतः, अनुशंसा की जाती है कि प्रत्येक दो घंटे में कम से कम 250 मिलीलीटर इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थ ग्रहण किया जाए, साथ ही हल्के कपड़ों का चयन किया जाए।
यदि कोई व्यक्ति समान्य से अधिक थकावट या चक्कर महसूस करे, तो त्वरित चिकित्सा परामर्श आवश्यक है।
Ankit Maurya
सितंबर 15, 2025 AT 00:11देश की शर्तों पर एसी नहीं, तो इस गर्मी को रोकने का दायित्व सरकार का है! अभी कार्रवाई करो।
Sagar Monde
सितंबर 15, 2025 AT 17:26भाई सही कह रहा है पर पानी की बोतलें फ्री में नहीं मिलती, सरकारी मदद चाहिए, नहीं तो लोग मरेंगे