17 राज्यों में मौसम का मिजाज बदला: भीषण गर्मी के बाद बारिश और तूफान का अलर्ट
अप्रैल, 29 2026
देशभर में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच अब राहत की उम्मीद जगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अप्रैल, 2026 को देश के 17 राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। उत्तर और मध्य भारत में जहां पारा 45-47 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था, वहीं अब एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले 48 घंटों में तापमान में भारी गिरावट आने की संभावना है। यह बदलाव उन करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो पिछले कई हफ्तों से झुलसाने वाली गर्मी से जूझ रहे थे।
दरअसल, इस पूरे मौसम परिवर्तन की जड़ हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुआ एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी लाएगा, जिससे तापमान तेजी से गिरकर 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जाएगा। लेकिन यह राहत अपने साथ कुछ चुनौतियां भी लाई है, क्योंकि कई राज्यों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
राजस्थान और यूपी में बारिश की चेतावनी: क्या है हाल?
राजस्थान में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बदला हुआ नजर आ रहा है। जयपुर में 29 अप्रैल को तापमान 28 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, साथ ही बारिश की भी संभावना जताई गई है। दिलचस्प बात यह है कि जयपुर के आदर्श नगर इलाके में हवा की गुणवत्ता (AQI) अभी भी चिंताजनक है, जहां PM 2.5 का स्तर 161 दर्ज किया गया है।
आईएमडी ने 27 से 29 अप्रैल के बीच राजस्थान के कई जिलों जैसे दौसा, बीकानेर, चूरू, सीकर, अलवर, जैसलमेर, नागौर, झुंझुनूं और भरतपुर में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 28 अप्रैल से 1 मई, 2026 तक बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि इन राज्यों में अचानक मौसम बिगड़ने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
बिहार में तूफानी हवाओं का खतरा और छत्तीसगढ़ की तपिश
बिहार की स्थिति काफी गंभीर दिख रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में 28 अप्रैल तक बारिश और तूफान का पूर्वानुमान है। सबसे डराने वाली बात यह है कि तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो कच्चे मकानों और पेड़ों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में अभी भी गर्मी का असर बरकरार है। 29 अप्रैल को यहाँ अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा। यहाँ की हवा में नमी मात्र 12 प्रतिशत है, जिसका मतलब है कि उमस कम है लेकिन धूप अब भी बहुत तेज है। आने वाले सात दिनों में यहाँ तापमान 40 से 44 डिग्री के बीच झूलता रहेगा।
प्रमुख शहरों का तापमान एक नजर में (29 अप्रैल, 2026)
- जयपुर: अधिकतम 41°C, न्यूनतम 28°C (बारिश की संभावना)
- देओघर: अधिकतम 39°C, न्यूनतम 25°C (बारिश का पूर्वानुमान)
- छत्तीसगढ़ (औसत): अधिकतम 43°C, न्यूनतम 26°C
- दिल्ली: दिन में भीषण गर्मी, शाम को बादल छाने की उम्मीद
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों का हाल
उत्तराखंड के जिलों में मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रह सकता है, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। विशेष रूप से 3500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर बर्फबारी (Snowfall) होने की उम्मीद है।
तापमान के लिहाज से देखें तो उत्तराखंड में अगले एक-दो दिनों में पारा 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, लेकिन उसके बाद अगले 2-3 दिनों में फिर से 1-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। यह उतार-चढ़ाव दर्शाता है कि मानसून से पहले का यह दौर काफी अस्थिर रहने वाला है।
विशेषज्ञों की राय: यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब उत्तर भारत में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच जाता है, तो वातावरण में एक तरह का दबाव बनता है। ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ का आना एक 'रिलीज वाल्व' की तरह काम करता है। इससे न केवल तापमान गिरता है, बल्कि यह आने वाले मानसून के लिए भी जमीन तैयार करता है।
दिल्ली की बात करें तो यहाँ दिन में 'लू' (Hot Winds) चलने का अनुमान है जिसकी रफ्तार 25-30 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। हालांकि, शाम होते-होते बादलों की आवाजाही से गर्मी के अहसास में कमी आएगी। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग अचानक मौसम बदलने के कारण स्वास्थ्य का ध्यान रखें और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
तापमान में अचानक गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुआ एक नया 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) है। यह एक निम्न दबाव प्रणाली होती है जो भूमध्य सागर से नमी लेकर आती है और भारत के उत्तरी व मध्य भागों में बारिश और तापमान में कमी का कारण बनती है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा तूफान और बारिश का खतरा है?
सबसे ज्यादा असर राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बिहार में हवा की रफ्तार 70-80 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि राजस्थान के जयपुर, बीकानेर और अलवर जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
क्या यह बदलाव भीषण लू (Heat Wave) को पूरी तरह खत्म कर देगा?
यह एक अस्थायी राहत है। हालांकि तापमान 45-47 डिग्री से गिरकर 40 डिग्री के नीचे आ जाएगा, लेकिन कुछ राज्यों जैसे छत्तीसगढ़ में अभी भी 43 डिग्री तक गर्मी बनी रहेगी। यह पूरी तरह राहत तभी मिलेगी जब मानसून की एंट्री होगी।
उत्तराखंड के निवासियों के लिए क्या चेतावनी है?
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों (3500 मीटर से ऊपर) में बर्फबारी और अन्य हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। तापमान में पहले गिरावट और फिर मामूली बढ़ोतरी होगी, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।